महात्मा गाँधी का जन्म कब हुआ था | Mahatma Gandhi Ka Janm Kab Hua Tha

दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं Mahatma Gandhi Ka Janm Kab Hua Tha महात्मा गाँधी का जन्म कब हुआ था | बहुत से लोग गूगल पर सर्च करते हैं कि महात्मा गाँधी का जन्म कब हुआ था | महात्मा गांधी का जन्म स्थान कहां है महात्मा गांधी के पिता का नाम क्या है महात्मा गांधी की माता का नाम क्या है महात्मा गांधी का जन्म स्थान अथवा महात्मा गांधी का पूरा नाम क्या है

महात्मा गांधी को सत्य और अहिंसा के रूप में जाना जाता है महात्मा गांधी ने भारत को स्वतंत्र प्रदान करने में सबसे महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया था | आज के समय में महात्मा गांधी के विचार भले ही विलुप्त होते जा रहे हैं |

लेकिन अहिंसा पर चलना उन्हीं ने सिखाया था हिंसा नहीं करना और दूसरों के प्रति सद्भावना रखना महात्मा गांधी के ही विचार थे | महात्मा गांधी ने अनेक परेशानियों उठाते हुए अंग्रेजों को अहिंसा के मार्ग से भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया था |

गांधीजी सादा जीवन उच्च विचार के माध्यम से करोड़ों लोगों का दिल जीत लिया था | अभी के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी जीने भी महात्मा गांधी के विचारों पर चलने का निर्णय लिया है इसीलिए उन्होंने स्वच्छ इंडिया का बीड़ा भी उठाया है |

महात्मा गांधी ने किसी भी समुदाय को बांटा नहीं था बल्कि हर समुदाय के लोगों को अपना था और एकजुट होकर अंग्रेजों को भारत से निकाला था इसमें महात्मा गांधी को कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ा था लेकिन वह डरे नहीं और हमारे भारत को आजाद कराया

अगर आपको महात्मा गांधी के जीवन की पूरी जानकारी चाहिए Mahatma Gandhi Ka Janm Kab Hua Tha महात्मा गांधी का जन्म कहां हुआ था और महात्मा गांधी जी का पूरा नाम क्या है |

महात्मा गांधी का जन्म कब हुआ था


महात्मा गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था उनकी माता का नाम पुतलीबाई पिता का नाम करमचंद गांधी था महात्मा गांधी जी की माता एक धार्मिक महिला थी जिसका प्रभाव महात्मा गांधी भरा था |

वह शुद्ध विचार और सादा जीवन पर भरोसा करते थे महात्मा गांधी वैष्णव धर्म को मानने वाले परिवार में हुआ था इसी कारण से उन्हें जैन धर्म का प्रभाव भी था और वही से उन्होंने अहिंसा की राह पर चलना सीखा जो कि जैन धर्म के भगवान महावीर का संदेश था

महात्मा गांधी का पूरा नाम क्या था


महात्मा गांधी जी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था और उनके पिता का नाम करमचंद गांधी था | इसी कारण से दोनों का नाम मिलाकर मोहनदास करमचंद गांधी पहले के जमाने में लोग अपने पिता का नाम पीछे लगाते थे |

उनका यह मानना था कि पिता के नाम से ही बच्चों का नाम होता है इसीलिए पहले के जमाने में लोग अपने पिता का नाम अपने नाम के पीछे लगाते थे इससे ही उनकी पहचान होती थी |

सुभाष चंद्र बोस जो कि आजाद हिंद फौज के प्रमुख थे उन्होंने 6 जुलाई 1944 मैं रंगून में गांधीजी के नाम पर होने वाले भाषण के दौरान महात्मा गांधी जी को बापू और राष्ट्रपिता नाम से संबोधित किया था इसके साथ ही अपने सिपाहियों और आजाद हिंद फौज के लिए सुभाष चंद्र बोस ने शुभकामनाएं और आशीर्वाद भी मांगा था

महात्मा गांधी का आजादी का संघर्ष


महात्मा गांधी ने अफ़्रीका में सत्याग्रह आंदोलन किया था जो कि अश्वेत लोगों के लिए अधिकारों के लिए किया था | महात्मा गांधी ने लंदन में वकालत की पढ़ाई करी थी और वह वहां से ही वकील बन गए थे महात्मा गांधी ने 1915 मैं भारत ऑफिस आए थे और स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी थी

अंग्रेजों द्वारा किए गए भारतीयों के ऊपर जुल्म अंग्रेजो के खिलाफ आवाज उठाई थी जहां पर वह जेल पर में भी गए थे जो कि मजदूरों और किसानों के लिए अंग्रेजों द्वारा लगाया गया भारी मात्रा में टेक्स्ट था उसे हटाने के लिए महात्मा गांधी ने आवाज बुलंद करी थी ना कि उन्होंने हिंसा से काम किया था |

महात्मा गांधी ने अंग्रेजो के खिलाफ नमक सत्याग्रह आंदोलन 1930 में किया था जो कि नमक के ऊपर टैक्स के विरोध में था यह एक ऐसा ऐतिहासिक आंदोलन था जिसमें महात्मा गांधी जी के साथ सैकड़ों लोगों ने आंदोलन किया था सन 1942 में अंग्रेजों का विरोध करते हुए अंग्रेज भारत छोड़ो आंदोलन की घोषणा करी थी जिसमें पूरे देश ने गांधी जी का साथ दिया था |

इन बातों से यह पता चलता है कि एक अकेला आदमी भी अंग्रेजी सत्ता को हिला सकता और वह गांधीजी में था इसीलिए गांधी जी को राष्ट्रपिता के रूप में संबोधित किया जाता है इस आंदोलन के दौरान गांधीजी ने कई रूप से उठाई थी |

लेकिन फिर भी वह थके नहीं थे और अपने आंदोलन को और मजबूत बनाया और अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया 1947 में हमें आजादी मिल गई |

महात्मा गांधी के राजनीतिक गुरु कौन थे


गुरु गोपाल कृष्ण गोखले महात्मा गांधी के राजनीतिक गुरु थे जो कि एक महान स्वतंत्र सेनानी और एक राजनेता भी थे महात्मा गांधी जी के राजनीतिक गुरु गोपाल कृष्ण गोखले आ जाता है क्योंकि उन्होंने महात्मा गांधी को देश के लिए लड़ने की प्रेरणा भी दी थी और वह लड़े भी और हमारे देश को आजाद कराया

हिंदी जी की आत्मकथा किस भाषा में है


सत्य का प्रयोग जो कि महात्मा गांधी के द्वारा लिखी गई महात्मा गांधीजी की आत्मकथा या किताब कह सकते हैं जिसको महात्मा गांधी ने उनकी आत्मकथा का दर्जा भी दिया है |

महात्मा गांधी की आत्मकथा उन्हें की लोकल भाषा यानी गुजराती भाषा में लिखी गई है इसके बाद महात्मा गांधी की आत्मकथा को कई अन्य लोगों ने हिंदी में अनुवाद कर उसे हिंदी में करवा दिया था ताकि जिसे गुजराती नहीं आती हो वह हिंदी में भी पढ़ सके और गांधीजी से प्रेरणा ले सकें लेकिन गांधीजी की आत्मकथा जोकि गांधी जी ने ही लिखी थी वह गुजराती भाषा में थी |

गांधी जी की मृत्यु कब हुई


महात्मा गांधी की मृत्यु 30 जनवरी 1948 में हुई थी उनकी हत्या नाथूराम गोडसे द्वारा की गई थी |
महात्मा गांधी दिल्ली के बिरला भवन में प्रार्थना करने जा रहे थे नाथूराम गोडसे ने बापू के चरणों में के बहाने उन्हें पिस्टल से 3 गोलियां मार दी थी जिसके बाद गांधीजी नीचे की तरफ गिरे और उसी वक्त उनकी मृत्यु हो गई थी |

इसी समय के समाचार सुनकर पूरा विश्व दुखी था और भारत को एक गहरा सदमा पहुंचा था क्योंकि भारत के राष्ट्रपिता और हमारे प्रिय महात्मा गांधी जी को ऐसे सरेआम गोली मार दी गई थी क्योंकि उन्होंने हमारे देश को आजाद करने में सर्वप्रथम योगदान दिया था |

FAQ

Gandhi Ji Ka Janm Kahan Hua Tha

गाँधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 में गुजरात के पोरबंदर में हुआ था |

Mahatma Gandhi Ji ki Mrityu Kab Hui Thi

30 जनवरी 1948 महात्मा गाँधी जी की मृत्यु हुए थी |

2 October Ko Kya Hai

गाँधी जयंती | महात्मा गाँधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 में हुआ था |

Mahatma Gandhi Ki Patni Ka Naam Kya tha

कस्तूरबा गाँधी था |

Mahatma Gandhi Ke Pita Ka Naam Kya tha

गाँधी के पिता का नाम करमचंद गाँधी था |

Mahatma Gandhi Ke Mata Ka Naam Kya tha

गाँधी के माता का नाम पुतलीबाई था।

तो आशा करता हूं दोस्तों आज की पोस्ट में Mahatma Gandhi Ka Janm Kab Hua Tha से संबंधित सारी ही इंफॉर्मेशन आपको दे दी होगी | अगर आप के दिमाग में Mahatma Gandhi Ka Janm Kab Hua Tha किसी भी तरीके का डाउट है तो कमेंट सेक्शन में कमेंट कर जरूर पूछ सकते हैं |

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